सरकारी जूता-चप्पल को उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में फेंक दिया। इनकी मांग थी कि आदिवासियों को इसकी जगह आर्थिक मदद दी जाए।from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/2wyl1c4
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सरकारी जूता-चप्पल को उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में फेंक दिया। इनकी मांग थी कि आदिवासियों को इसकी जगह आर्थिक मदद दी जाए।
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