मृत्यु के बाद पीने-पिलाने, खाने-खिलाने, नाचने-गाने और बकायदा जश्न मनाने का चलन कई जातियों में है। गौरतलब तथ्य यह है कि इन सभी बिरादरियों की शिनाख्त काशी के मूल वासियों के रूप में है।from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/2wwlF9n
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मृत्यु के बाद पीने-पिलाने, खाने-खिलाने, नाचने-गाने और बकायदा जश्न मनाने का चलन कई जातियों में है। गौरतलब तथ्य यह है कि इन सभी बिरादरियों की शिनाख्त काशी के मूल वासियों के रूप में है।
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